अंगकोरथोम (Angkor Thom)

संक्षिप्त परिचय

नामअंगकोरथोम (Angkor Thom)
लिप्यंतरण अंगकोर थॉम / अंकोरथोम / अंकोरथॉम
निर्माता जयवर्मन् सप्तम्
देशकंबोडिया
स्थितिसिएम रीप नदी (Siem reap River) के तट पर
महत्त्व विश्व धरोहर स्थल, १९९२ (युनेस्को)

व्युत्पत्ति (Etymology)

अंगकोरथोम और अंकोरथोम एक ही स्थल के दो पृथक्-पृथक् हिन्दी लिप्यंतरण (लिपि + अंतरण) हैं। रोमन लिपि में इसे “Angkor Thom” लिखा जाता है। अंगकोरथोम का अर्थ है— महान नगर (Great City)।

अंगकोरथोम (Angkor Thom) वास्तव में नोकोरथोम (Nokor Thom) नाम का परिवर्तित रूप है। समय के साथ उच्चारण-परिवर्तन के कारण मूल नाम का प्रयोग कम हो गया और उसका रूप बदलकर वर्तमान नाम अंगकोरथोम (Angkor Thom) बन गया।

नोकोर/Nokor (खमेर : नोको) शब्द संस्कृत के शब्द नगर से निकला है; जिसका अर्थ है— शहर, नगर या पुर (City)। इसमें खमेर भाषा के शब्द थोम या थॉम (खमेर : थुम / Thum) को जोड़ा गया है; जिसका अर्थ है— बड़ा या महान (Big or Great)। इस प्रकार नोकोर थॉम/ नोकोर थोम (Nokor Thom) का अर्थ हुआ— महान शहर। नोकोर थोम बाद में परिवर्तित होकर अंगकोरथोम (Angkor Thom) बन गया।

विवरण

संस्थापक

प्राचीन कम्बुज (कम्बोडिया) का सबसे अधिक प्रसिद्ध नगर जहाँ बारहवीं शताब्दी ई० के बने अनेक विख्यात स्मारक हैं। इन स्मारकों को हिन्दू नरेशों ने बनवाया था। अंगकोरथोम की अधिकांश महान् शिल्पाकृतियों के निर्माण का श्रेय राजा जयवर्मन् सप्तम् को दिया जाता है। जयवर्मन् सप्तम् का शासनकाल ११२५ से १२१८ तक रहा।

अंगकोरथोम

ख्मेर राजवंश की राजधानी

अंगकोरथोम खमेर (ख्मेर) राजवंश की प्राचीन राजधानी थी। इसका निर्माण १२वीं शताब्दी में राजा जयवर्मन् सप्तम् ने करवाया। अंकोरथोम लगभग ९ वर्ग किलोमीटर में विस्तृत विशाल दुर्ग नगरी था। इसके अंदर कई प्रसिद्ध मंदिर हैं; जैसे— बायोन मंदिर (Bayon temple), बाफुओन मंदिर (Baphuon temple), टेरेस ऑफ द एलीफैंट्स (Terrace of the Elephants) आदि। प्रवेश द्वारों पर विशाल देव-असुर मूर्तियों वाली सड़कों और चारमुखी टॉवर इसकी पहचान हैं।

अंगकोरथोम और अंकोरवाट

अंगकोरथोम और अंकोरवाट में अक्सर भ्रम हो जाता है। परन्तु ये दोनों भिन्न हैं।

कंबोडिया का अंगकोर क्षेत्र ९वीं-१२वीं शताब्दी के खमेर साम्राज्य का केन्द्र था। इसी क्षेत्र में दो प्रमुख स्थल हैं—

  • अंगकोरथोम— एक किलेबंद राजधानी नगर
  • अंकोरवाट— एक विशाल मंदिर-समूह

ये दोनों समान अंगकोर पुरातात्त्विक पार्क (Angkor Archaeological Park) में स्थित सिएम रीप (Siem Reap) के पास स्थित है। अंकोरवाट दक्षिण में और अंगकोरथोम उत्तर में है, इनके मध्य लगभग १.७ किमी॰ की दूरी है।

अंकोरवाट और अंगकोरथोम को एक ही वर्ष (१९९२) में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था, क्योंकि यूनेस्को ने इन्हें “अंगकोर” नामक एक ही स्थल के रूप में सूचीबद्ध किया है।

यूनेस्को ने अंकोरवाट और अंगकोरथोम को अलग‑अलग सूचीबद्ध नहीं किया है। इसके बजाय, पूरा अंगकोर पुरातात्त्विक उद्यान — जिसमें अंकोरवाट, अंगकोरथोम, बायोन, ता प्रोम और कई अन्य मंदिर शामिल हैं। इनको १९९२ में एक ही विश्व धरोहर स्थल के रूप में दर्ज किया गया। संक्षेप में—

  • दोनों को एक ही वर्ष १९९२ में विश्व धरोहर स्थल किया गया।
  • ये दोनों एक ही यूनेस्को स्थल “अंगकोर” का हिस्सा हैं।

संक्षिप्त रूप से इसे इस प्रकार से देख सकते हैं—

आधारअंगकोरथोमअंकोरवाट
नामअंगकोरथोम / अंकोरथोम (Ankor Thom)अंकोरवाट (Ankor Wat)
प्रकारप्राचीन राजधानी / दुर्ग नगरीमंदिर समूह
निर्माता जयवर्मन् सप्तम्सूर्यवर्मन् द्वितीय
पहचान बायोन मंदिर, विशाल द्वार, दुर्गीकरणपंच-शिखर, विष्णु मंदिर
महत्त्वविश्व धरोहर स्थल, १९९२विश्व धरोहर स्थल, १९९२

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