सारनाथ कला शैली; कुषाण काल
भूमिका वाराणसी जनपद में स्थित सारनाथ के दो अन्य नाम ‘ऋषिपत्तन’ और ‘मृगदाव’ भी मिलता है। यहीं पर महात्मा बुद्ध ने ‘धर्मचक्रप्रवर्तन’ (प्रथम उपदेश) दिया। इसलिए यह बौद्ध धर्मावलम्बियों के लिये पवित्र स्थान बन गया। सम्राट अशोक के समय में यहाँ अनेक निर्माण कार्य किये गये। कुषाणकाल में भी यह कार्य रुका नहीं और गुप्तकाल […]
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