जैन धर्म का प्रचार
जैन धर्म का प्रचार जैन संघ जैन संघ महावीर स्वामी के पहले से अस्तित्व में था। महावीर स्वामी ने पावा में ११ ब्राह्मणों को दीक्षित किया जो उनके पहले अनुयायी बने। महावीर ने अपने सारे अनुयायियों को ११ गणों ( समूहों ) में विभक्त किया और प्रत्येक समूह का गणधर ( प्रमुख ) इन्हीं ११ […]
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